Sadhana Shahi

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दान 31-Jan-2024

दिनांक- 31-01-2024 दिवस- बुधवार कविता प्रतियोगिता विषय- दान

मानव जीवन है जग में, संकट का एक खोह। पर इससे हम ना घबराएँ, ना मानें इसको कोह।

प्रात काल से संध्या तक, कर्म करें हम अनेक। पर कुछ निजी स्वार्थ हेतु हैं, कुछ करते दूजे को देख।

उनमें से एक कार्य दान है, जो कंटक से हमें निकाले। विघ्नों की रक्षा इससे होती, इससे लोगों की दुआ लें।

वेदों की यदि बात करें तो, दान के तीन प्रकार। उत्तम, मध्यम और निकृष्ट, जैसा हम करें व्यवहार।

मानवता हेतु जो देते, वह होता है उत्तम दान। कीर्ति हेतु जो हम हैं देते, मध्यम में वह होता मान।

वासनाओं में व्यय होता, निकृष्ट दान कहलाता। मानव जीवन पाकर भी, वह मानव ना बन पाता।

दुख का कारण पाप कर्म है, दान तनिक कटौती करता। उत्तम श्रेणी का यदि है तो, कुछ प्रायश्चित भी करता।

आत्मा की है शुद्धि करता, नैतिकता मानव में जगाता। यह सबल पतवार सदृश है, ना मानव है गच्चा खाता।

साधना शाही, वाराणसी

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4 Comments

Alka jain

06-Feb-2024 11:49 AM

Nice

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Gunjan Kamal

02-Feb-2024 04:25 PM

👏👌

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Mohammed urooj khan

31-Jan-2024 11:50 PM

👌🏾👌🏾👌🏾👌🏾

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